मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को जयपुर में आयोजित ‘इन्टरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश’ में राजस्थान के निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का दिल ही नहीं, बल्कि असीम विकास संभावनाओं का केंद्र है, जहां निवेशकों को बेहतर नीतियां, मजबूत इकोसिस्टम और हर कदम पर सरकारी सहयोग मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश और राजस्थान “जुड़वा राज्यों” की तरह हैं और दोनों मिलकर देश के औद्योगिक विकास को नई दिशा दे सकते हैं। उन्होंने राजस्थान की उद्यमशीलता और मध्यप्रदेश की संसाधन क्षमता को सेंट्रल इंडिया को इंडस्ट्रियल पावर सेंटर बनाने में अहम बताया। पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह दोनों राज्यों की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली परियोजना साबित होगी।
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डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार राज्य सरकार की नई नीतियों और सुविधा की जानकारी दी। साथ ही कहा कि नर्मदापुरम में देश का पहला ‘मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन फॉर पावर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट’ विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निवेशकों को आकर्षित करते हुए बताया कि राज्य में उद्योगों के लिए 6,104 करोड़ रुपए का प्रावधान और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 1 लाख करोड़ रुपए की योजना बनाई गई है। ‘इन्वेस्ट एमपी 3.0’ सिंगल विंडो सिस्टम को देश के बेहतरीन डिजिटल प्लेटफॉर्म में गिना जाता है। साथ ही, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, माइनिंग और मेडिकल टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने भी मध्यप्रदेश को निवेश के लिए अनुकूल राज्य बताया और दोनों राज्यों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की बात कही। उद्योगपतियों ने भी मध्यप्रदेश की नीतियों और इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना की।
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बाबई-मोहासा औद्योगिक प्रक्षेत्र में 1650 करोड़ रुपए का निवेश
इन्सुलेशन एनर्जीस के चेयरमेन मनीष गुप्ता ने बताया कि उन्होंने नर्मदापुरम जिले के बाबई-मोहासा औद्योगिक प्रक्षेत्र में करीब 1650 करोड़ रुपए का निवेश किया है, जिससे 1000 लोगों को रोजगार मिलेगा। यहां 45 एकड़ में औद्योगिक इकाई स्थापित करने में कोई बाधा नहीं आई। सड़क, बिजली और पानी जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं यहां पहले से उपलब्ध हैं। अक्टूबर 2025 में परियोजना का कार्य प्रारंभ हो चुका है और नवंबर-दिसंबर 2026 तक यूनिट पूरी तरह तैयार हो जाएगी।
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राजस्थान से मध्यप्रदेश में स्टार्टअप्स में आएगा बड़ा निवेश
राजस्थान एंजल्स ग्रुप के चेयरमैन महावीर प्रताप शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई देता हूं। हमारी कंपनी ने टायर रीसाइक्लिंग के लिए देश का पहला प्लांट सेटअप किया है। एआई के दौर में डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए सस्ती बिजली की जरूरत है। इसके लिए आबुधाबी फंड्स रूचि दिखा रहा है। मध्यप्रदेश ऐसा राज्य है, जहां 4 रुपए प्रति यूनिट औद्योगिक दर पर बिजली उपलब्ध है।
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मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों के साथ की वन-टू-वन चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जयपुर में आयोजित ‘इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश’ सत्र में विभिन्न उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजस्थान एंजल्स के अध्यक्ष महावीर प्रताप शर्मा, महिंद्रा लाइफ साइंसेज के हेड अनुज बिंदल, इन्सोलेशन एनर्जी के चेयरमैन मनीष गुप्ता, फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एण्ड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, प्रताप ग्रुप के मैनेजिंग डॉयरेक्टर देवेन्द्र सिंह शेखावत, डीजीएस ट्रांस लॉजिस्टिक्स के डॉयरेक्टर सौरभ खंडेलवाल, अक्षय इन्फ्रासिस इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग डॉयरेक्टर अक्षय हाड़ा, प्लास्टिक मेन्युफैक्चर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रवण शर्मा, हॉस्पिटेलिटी एवं टूरिज्म एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश खंडेलवाल और मैजेस्टिक बासमती राइस प्रा.लि. के डॉयरेक्टर विज्ञान लोढ़ा से वन-टू-वन चर्चा कर उन्हें मध्यप्रदेश में निवेश के लिये आमंत्रित किया।
