लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने जबलपुर जिले में रेलवे ओवरब्रिज के एक हिस्से के गिरने की घटना को गंभीर बताते हुए सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि दोषी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी और आवश्यक होने पर एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। जानकारी के अनुसार, नेशनल हाईवे-45 पर शाहपुरा के पास स्थित रेलवे ओवरब्रिज का एक हिस्सा रविवार शाम करीब 5 बजे मेंटेनेंस कार्य के दौरान धंस गया। यह मार्ग जबलपुर–भोपाल रूट का प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ। एहतियातन हाईवे के प्रभावित हिस्से को बंद कर ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया है। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
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मंत्री ने बताया कि इस ओवरब्रिज का निर्माण मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमपीआरडीसी) द्वारा कराया गया था। जिस हिस्से में पहले से पिलर धंसने के संकेत मिले थे, वहां मरम्मत कार्य चल रहा था। इसी दौरान पास का एक अन्य हिस्सा भी अचानक गिर गया। उन्होंने कहा कि ठेकेदार की डिफेक्ट लायबिलिटी अवधि अभी समाप्त नहीं हुई है, इसलिए निर्माण संबंधी खामियों की पूरी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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घटना के बाद बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता, निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर चिंता जताई है। फिलहाल MPRDC और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से क्षति का आकलन कर रहे हैं और तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है, ताकि गिरने के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। इस बीच मंत्री राकेश सिंह ने एक अलग बयान में प्रदेश को कृषि क्षेत्र में मिले ‘कृषि कर्मण पुरस्कार’ का उल्लेख करते हुए किसान आंदोलनों और कांग्रेस की आलोचना को राजनीतिक बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का कृषि प्रदर्शन मजबूत रहा है और सरकार किसानों के हित में प्रतिबद्ध है।