ग्वालियर में फर्जी सिम रैकेट का खुलासा हुआ। एक ही चेहरे से कई नामों पर सिम एक्टिवेट कर बेची गईं। पुलिस ने दो आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। …और पढ़ें

Publish Date: Mon, 30 Mar 2026 09:29:14 AM (IST)Updated Date: Mon, 30 Mar 2026 09:29:14 AM (IST)

ग्वालियर में सिम का फर्जीवाड़ा, नाम-पता अलग और फोटो एक, कई सिम कार्ड जारी, दो पर FIR दर्ज
शहर में फर्जी सिम कार्ड के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. एक चेहरे से कई नामों पर सिम एक्टिवेट की गईं।
  2. पीओएस संचालक ने फर्जी दस्तावेजों से सिम बेचने का खेल।
  3. युवक को हर सिम पर 500 रुपये दिए जाते थे।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर में फर्जी सिम कार्ड के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, जहां एक पीओएस संचालक द्वारा नियमों को दरकिनार कर सैकड़ों सिम एक्टिवेट कर बेचने का मामला सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी एक ही व्यक्ति के चेहरे का इस्तेमाल कर अलग-अलग नाम और पतों पर सिम सक्रिय कर रहा था।

इस पूरे खेल के पीछे कमीशन का लालच था, जिसके तहत एक युवक को हर सिम एक्टिवेशन के बदले 500 रुपये दिए जाते थे। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी संचालक और सहयोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ऑपरेशन ‘फेस’ के तहत पहली बड़ी कार्रवाई

यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन फेस (फेशियल ऑथेंटिकेशन कंप्लायंस इंफोर्समेंट) के तहत की गई है। ग्वालियर में इस अभियान के अंतर्गत दर्ज यह पहली एफआईआर है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले में आगे और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।

ऐसे चल रहा था फर्जीवाड़े का खेल

जांच में सामने आया कि पीओएस संचालक उमेश कुशवाह ने गिरवाई क्षेत्र के आशीष नागर को लालच देकर अपने साथ जोड़ लिया। आशीष का काम ग्राहकों के स्थान पर खुद का फोटो लगाकर सिम एक्टिवेट करना था। आधार कार्ड की मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार कर कई सिम सक्रिय किए गए और फिर उन्हें बाजार में बेच दिया गया।

पुलिस की जांच से घबराकर आरोपी हुआ सतर्क

जैसे ही पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की, मुख्य आरोपी को इसकी भनक लग गई। उसने इंस्टाग्राम मैसेंजर के जरिए आशीष को संदेश भेजकर अंडरग्राउंड होने की सलाह दी। इससे साफ है कि आरोपी पहले से ही पुलिस कार्रवाई से बचने की कोशिश में था।

एक ही इलाके के नामों पर जारी सिम

पुलिस जांच में अब तक सात फर्जी सिम बरामद की गई हैं। ये सभी सिम गुढ़ा-गुढ़ी का नाका क्षेत्र की प्रीतमपुर कॉलोनी और कुम्हारों का मोहल्ला के लोगों के नाम पर जारी की गई थीं, जबकि उनमें आशीष का फोटो इस्तेमाल किया गया था।

पुलिस का बयान

एएसपी विदिता डागर के अनुसार ऑपरेशन फेस के तहत यह पहली एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में दो लोगों पर कार्रवाई की गई है और आगे जांच में और बड़े नेटवर्क के खुलासे होने की संभावना है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *