नगर निगम और प्रशासन की ओर से अवैध कालोनियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होने का फायदा उठाकर अब कॉलोनी माफिया सरकारी जमीनों तक पहुंच गए हैं। ग्वालियर में इसी …और पढ़ें

नईदुनिया, ग्वालियर। नगर निगम और प्रशासन की ओर से अवैध कालोनियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होने का फायदा उठाकर अब कॉलोनी माफिया सरकारी जमीनों तक पहुंच गए हैं। ग्वालियर में इसी का उदाहरण सामने आया है। शुक्रवार को जिला प्रशासन की टीम ने केदारपुर क्षेत्र में स्थित करीब सात करोड़ रुपये मूल्य की 1.323 हेक्टेयर सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया, जहां तारफेंसिंग कर अवैध कॉलोनी काटने की तैयारी की जा रही थी।
पुलिस और नगर निगम के अमले ने संयुक्त कार्रवाई की
कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर एसडीएम झांसी रोड अतुल सिंह के नेतृत्व में राजस्व विभाग, पुलिस और नगर निगम के अमले ने संयुक्त कार्रवाई की। इस दौरान ग्राम केदारपुर स्थित शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 24 रकबा 0.978 हेक्टेयर पर की गई तारफेंसिंग हटाई गई। इसके अलावा खसरा क्रमांक 178 रकबा 0.115 हेक्टेयर, खसरा क्रमांक 179 रकबा 0.021 हेक्टेयर और खसरा क्रमांक 180 रकबा 0.209 हेक्टेयर, कुल 0.345 हेक्टेयर भूमि पर बनाए गए बाउंड्रीवाल और पक्की सीसी रोड को मशीनों की मदद से ध्वस्त किया गया।
अधिकारियों का क्या कहना
एसडीएम अतुल सिंह ने बताया कि उक्त शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध कॉलोनी विकसित करने की कोशिश की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल और नगर निगम के मदाखलत दस्ते की मौजूदगी रही। अभियान में तहसीलदार कुलदीपक कुमार दुबे, अपर तहसीलदार शिवदत्त कटारे, नायब तहसीलदार रमाशंकर सिंह, थाना प्रभारी झांसी रोड शक्ति सिंह और नगर निगम के मदाखलत प्रभारी अधिकारी सतेंद्र भदौरिया सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।
अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया
वहीं, पुरानी छावनी थाना क्षेत्र में थाने के सामने बड़ेस्तर पर अवैध कॉलोनी विकसित किए जाने की शिकायतें प्रशासन तक पहुंच चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी तरह जयविहार कॉलोनी बहोड़ापुर में बिना नियमों के बनाए गए बहुमंजिला भवन को लेकर भी नगर निगम को कई बार शिकायत की गई, लेकिन नगर निगम की ओर से अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
