बच्चों के परिजनों के आने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उन्हें परिवार के सुपुर्द किया जाएगा। …और पढ़ें

HighLights
- मां के बाद पिता का अत्याचार
- .हाईवे पर नंगे पैर रेस्क्यू
- पुलिस ने खिलाया खाना, पहनाए जूते
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शराबी पिता की रोजाना मारपीट और प्रताड़ना से तंग आकर पांच मासूम भाई-बहन मंगलवार सुबह घर से भाग निकले। बच्चे पैदल चलते हुए आरोन से घाटीगांव क्षेत्र के पास आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंच गए। तेज धूप में नंगे पैर और घबराई हुई हालत में भटक रहे बच्चों को घाटीगांव पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
पांच साल पहले मां का उठा साया
पुलिस थाने में बच्चों ने बताया कि उनकी मां का करीब पांच वर्ष पहले निधन हो चुका है। इसके बाद से उनका पिता शराब के नशे में अक्सर उनके साथ मारपीट करता है। बच्चों का कहना था कि लगातार हो रही प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने घर छोड़ने का फैसला किया। पांचों बच्चों में सबसे बड़ा बेटा 12 वर्ष का है, जबकि सबसे छोटी बच्ची की उम्र मात्र 6 वर्ष है।
हाईवे पर नंगे पैर घूमते बच्चों को देखकर घाटीगांव थाना प्रभारी पूरन शर्मा और पुलिस मोबाइल टीम को संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत वाहन रोककर बच्चों से बातचीत की और उन्हें सुरक्षा के साथ थाने लेकर पहुंचे। थाने में सबसे पहले बच्चों को भोजन कराया गया। उनके पैरों की स्थिति देखकर पुलिस ने उन्हें नए जूते-चप्पल भी उपलब्ध कराए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बच्चों के परिजनों की जानकारी जुटाई और दादा-दादी से संपर्क किया।
चाचा को देखरेख सौंपी
फिलहाल पांचों बच्चों को उनके चाचा की देखरेख में रखा गया है। थाना प्रभारी पूरन शर्मा ने बताया कि बच्चों के परिजनों के आने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उन्हें परिवार के सुपुर्द किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समय रहते पुलिस की नजर बच्चों पर पड़ गई, अन्यथा उनके साथ कोई अप्रिय घटना भी हो सकती थी।
