रामकृष्ण मिशन आश्रम से जुड़े 2.52 करोड़ रुपये के साइबर ठगी मामले में कथित मास्टरमाइंड उदयराज को कोर्ट से राहत नहीं मिली। …और पढ़ें

HighLights
- 2.52 करोड़ साइबर ठगी केस में मास्टरमाइंड की जमानत खारिज
- कोर्ट ने भूमिका को बताया गंभीर और खतरनाक
- हाईकोर्ट पहले ही निरस्त कर चुका है समझौते की याचिका
नईदुनिया प्रतिनिधि,ग्वालियर। रामकृष्ण मिशन आश्रम से जुड़े 2.52 करोड़ रुपये के साइबर ठगी मामले में कथित मास्टरमाइंड उदयराज को कोर्ट से राहत नहीं मिली। षष्ठम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विवेक कुमार की अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने माना कि उदयराज की भूमिका बाकी आरोपितों से ज्यादा गंभीर और खतरनाक है।
कब दर्ज हुआ था मामला
मामला अप्रैल 2025 में क्राइम ब्रांच ग्वालियर में दर्ज हुआ था। ठगों ने रामकृष्ण मिशन आश्रम, ग्वालियर के सचिव स्वामी सुप्रदीप्तानंद को व्हाट्सएप कॉल कर खुद को नासिक पुलिस बताया। इसके बाद मनी लांड्रिंग केस में फंसाने का डर दिखाकर उनसे 2 करोड़ 52 लाख 99 हजार रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए।
जांच में पुलिस ने उदयराज को इस साइबर गिरोह का पर्दे के पीछे से संचालन करने वाला मुख्य आरोपित माना है। कोर्ट ने भी कहा कि उसकी भूमिका सिर्फ रकम ट्रांसफर तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे षड्यंत्र में अहम है।
एफआईआर निरस्त कराने की कोशिश
इस मामले में कुछ आरोपितों ने फरियादी से समझौता कर एफआईआर निरस्त कराने की कोशिश की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने वह याचिका पहले ही खारिज कर दी थी। अब उदयराज की जमानत खारिज होने से साफ है कि कोर्ट इस हाई-प्रोफाइल साइबर ठगी मामले में सख्त रुख अपनाए हुए है।
