नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर में शनिवार दोपहर बाद करीब तीन बजे शहर के ऊपर बादल छाए और शाम 3.50 बजे से ओलावृष्टि होने लगी। तेज हवा और पानी के साथ 2.5 सेंटीमीटर के ओले गिरे। पंद्रह मिनट में ही शहर की सड़कों पर ओलों की वजह से सफेद चादर-सी बिछ गई और जगह-जगह ओलों के ढेर लग गए। गनीमत यह रही कि ओलावृष्टि शहर और शहर के पास के कुछ क्षेत्रों में ही हुई।

इस वजह से अधिक नुकसान नहीं हुआ। शहर के अलावा पास के बेहट व आसपास के गांवों में ही हल्की ओलावृष्टि की खबर है। हालांकि इन गांवों में ओलों से फसलों में आंशिक नुकसान होना बताया जा रहा है। ग्वालियर के ग्रामीण क्षेत्र जैसे डबरा, भितरवार, घाटीगांव क्षेत्र में ओलावृष्टि या वर्षा की सूचना नहीं है।

सतत संपर्क रखने के निर्देश

कलेक्टर ने जिले के अफसरों को ग्रामीण क्षेत्र में सतत संपर्क रखने के निर्देश दिए हैं। इससे यदि कहीं ओलावृष्टि की सूचना मिले तो वहां पर पहुंचकर नुकसान का आंकलन किया जा सके। मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के अपडेट के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के असर से आठ मार्च तक मौसम ऐसा ही रहेगा और इन दिनों में वर्षा, ओलावृष्टि के अलावा आंधी आ सकती है।

ओलों से महाराज बाड़े पर म्यूजियम की घड़ी टूटी

शहर में मौसम तो दो बजे ही बदल गया था और आसमान पर बादल छा रहे थे। लेकिन लोगों को उम्मीद नहीं थी कि वर्षा के साथ ओले भी गिरेंगे। लेकिन पौने चार बजे के करीब अचानक गड़गड़ाहट शुरू हुई और ओले गिरना शुरू हो गए। ओलों की वजह से महाराज बाड़ा पर म्यूजियम के टावर में लगी घड़ी के कांच भी टूट गए। लोगों को डर लग रहा था कि कहीं सड़क पर खड़े उनके वाहन के कांच न टूट जाएं।

तकरीबन पूरे शहर में तेज हवा के साथ ओले गिरने से शहर की सड़कें सफेद हो गईं। चाहे सिटी सेंटर हो या अन्य हिस्सा, ओलावृष्टि के बाद काफी देर तक यह चादर बनी रही।

पेड़ों को काफी नुकसान

ओलावृष्टि से शहर में लगे पेड़ों को काफी नुकसान हुआ है। पेड़ों की कमजोर शाखाएं तो टूटी ही हैं, साथ ही पेड़ों की पत्तियां भी ओलावृष्टि की वजह से टूट गईं। हालत यह थी कि सफेद चादर के साथ-साथ सड़कें पेड़ों के पत्तों से हरी भी नजर आ रही थीं। शहर में परिवार अस्पताल के पास की एक बाउंड्रीवाल वर्षा व तेज हवा की वजह से गिर गई, जिससे इसके नीचे आने से कई कारें क्षतिग्रस्त हो गईं।

बेहट क्षेत्र के गांवों में फसलों को नुकसान की आशंका

ग्वालियर शहर के अलावा पास के बेहट क्षेत्र के गांवों में भी ओलावृष्टि होने की खबर है। हालांकि यहां पर ओलों का आकार कम था। प्रशासन के अफसरों के मुताबिक इन क्षेत्रों में हल्की ओलावृष्टि हुई और फसलों को आंशिक नुकसान हुआ है। हालांकि जिले के अन्य क्षेत्रों में वर्षा या ओलावृष्टि होने की खबर नहीं मिली।

28 मिमी हुई वर्षा, जगह-जगह हुआ जल जमाव

ओलावृष्टि के साथ-साथ शहर में तेज वर्षा भी हुई। थोड़ी ही देर में शहर में 28 मिमी वर्षा हो गई। इससे शहर में जगह-जगह पर जल जमाव हो गया। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आकाशवाणी चौराहे से सूर्य नमस्कार चौराहे के बीच के कुछ क्षेत्र में छह से आठ इंच पानी भरा हुआ था। इसी तरह शहर के गोला का मंदिर, सूर्य नमस्कार चौराहा, पड़ाव चौराहा, नए पड़ाव रेलवे ब्रिज के पास रूपसिंह स्टेडियम रोड आदि पर जल जमाव हो गया। इसके साथ ही लश्कर, मुरार व ग्वालियर उपनगर में भी कई जगहों पर पानी भर गया।

मौसम हुआ सुहावना

शनिवार शाम को हुई वर्षा व ओलावृष्टि से तापमान में 13.4 डिसे की बड़ी गिरावट आई। ऐसे में लोगों को गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया। घर के बाहर निकलने पर लोगों को ठंडक का अहसास हो रहा था। यदि आगामी दिनों में भी ऐसा ही मौसम रहा तो लोगों को गर्मी से राहत रहेगी। हालांकि शनिवार को ढाई बजे दिन का तापमान 34.4 था, लेकिन शाम साढ़े पांच बजे यह तापमान 21 डिसे पर आ गया। बीती रात तापमान 21.1 डिसे पर था, यानी दिन का तापमान रात के तापमान से भी कम हो गया।



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