ग्वालियर में पार्षद योगेंद्र यादव पर ठेकेदार से 25 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगा। विरोध पर धमकी दी गई। वीडियो वायरल होने पर निगमायुक्त ने जांच और क …और पढ़ें

Publish Date: Mon, 30 Mar 2026 10:35:16 AM (IST)Updated Date: Mon, 30 Mar 2026 10:35:16 AM (IST)

ग्वालियर में भाजपा पार्षद योगेंद्र यादव पर लगे 25 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप, ठेकेदार ने सबूत सौंपे
पार्षद योगेंद्र यादव पर लगे गंभीर आरोप। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. पार्षद पर ठेकेदार से 25 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप
  2. काम शुरू करने से पहले ठेकेदार और पिता को धमकाया
  3. वीडियो और ऑडियो साक्ष्य निगमायुक्त को सौंपे गए

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। नगर निगम के उपनेता सत्तापक्ष और वार्ड 53 के पार्षद योगेंद्र यादव उर्फ मंगल भैया पर ठेकेदार से 25 प्रतिशत कमीशन मांगने का गंभीर आरोप लगा है।

सिवीकान कंपनी के ठेकेदार साहिल खान ने निगमायुक्त संघ प्रिय को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि वार्ड में नाला निर्माण कार्य शुरू करने से पहले उनसे कमीशन की मांग की गई। विरोध करने पर उन्हें व उनके पिता को धमकाया गया। इस पूरे मामले से जुड़ा एक वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

साइट पर पहुंचते ही धमकी का आरोप

ठेकेदार साहिल खान का कहना है कि वे अपने पिता के साथ वार्ड 53 में प्रस्तावित नाला निर्माण की साइट देखने पहुंचे थे। इसी दौरान पार्षद योगेंद्र यादव और उनके समर्थक वहां पहुंचे और कथित रूप से काम शुरू करने से पहले 25 प्रतिशत कमीशन की मांग की। मना करने पर ठेकेदार और उनके पिता को धमकाया गया।

टेंडर और काम को लेकर विवाद

जानकारी के अनुसार वार्ड 53 में छह मीटर चौड़े नाले के निर्माण के लिए 1.21 करोड़ रुपये का टेंडर जारी हुआ था, जो जीएसटी सहित करीब 1.53 करोड़ रुपये का हो गया। सिवीकान कंपनी ने लगभग 22 प्रतिशत बिलो रेट पर यह टेंडर हासिल किया है। ठेकेदार का आरोप है कि वार्ड में सीमित ठेकेदारों को ही काम करने दिया जाता है और अन्य को कमीशन देना पड़ता है।

ऑडियो-वीडियो साक्ष्य सौंपे

शिकायत के साथ ठेकेदार ने एक वीडियो और जोनल ऑफिसर (जेडओ) ब्रजेश राजपूत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी है। ऑडियो में कथित तौर पर पार्षद को संतुष्ट करने की बात कही जा रही है। वायरल वीडियो में भी पार्षद और ठेकेदार के बीच तीखी बहस और समर्थकों द्वारा दबाव बनाते हुए देखा जा सकता है।

निगमायुक्त ने दिए जांच के निर्देश

मामले को गंभीरता से लेते हुए निगमायुक्त संघ प्रिय ने दक्षिण विधानसभा के कार्यपालन यंत्री को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति काम में बाधा डालता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



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