ग्वालियर के बुजुर्ग कारोबारी से एक करोड़ 41 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की घटना सामने आई है। कारोबारी को ई-मेल भेजकर गोल्ड काइन की ऑनलाइन ट्रेडिंग करने का …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 01 Feb 2026 11:23:01 AM (IST)Updated Date: Sun, 01 Feb 2026 11:41:20 AM (IST)

ग्वालियर में बुजुर्ग कारोबारी से गोल्ड काइन ट्रेडिंग के नाम पर 1.41 करोड़ रुपये की ठगी
गोल्ड काइन की ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर बुजुर्ग व्यापारी को फंसाया। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. फेक पे-वॉलेट में मुनाफे के साथ दिख रही थी रकम
  2. निकालने का प्रयास किया तो खुल गया फर्जीवाड़ा
  3. पुलिस बैंक खातों के जरिये पड़ताल में जुटी हुई है

नगर प्रतिनिधि, ग्वालियर। मुरार में स्थित इंक्लेव रेसीडेंसी में रहने वाले 75 वर्षीय कारोबारी दुर्गाशंकर नागर के साथ एक करोड़ 41 लाख सात हजार रुपए की साइबर ठगी हो गई। उन्हें गोल्ड काइन की ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिये फंसाया गया। जमा-पूंजी ठगों की वेबसाइट के जरिये अलग-अलग बैंक खातों में जमा कर दिए। पे-वॉलेट में मुनाफे के साथ रकम दिख रही थी। जब यह रुपए निकालने का प्रयास किया तो वह ट्रांसफर नहीं हुए।

तब उन्हें फर्जीवाड़े सामने आया। उन्होंने एसएसपी ऑफिस पहुंचकर शिकायत की। साइबर हेल्पलाइन पर भी शिकायत की है। डीएसपी, क्राइम ब्रांच नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि क्राइम ब्रांच थाने में उनकी शिकायत पर एफआइआर दर्ज की गई है। अब पुलिस बैंक खातों के जरिये पड़ताल में जुटी है।

ईमेल कर फंसाया..ऑनलाइन दिख रहा था मुनाफा

मैं कार्टन की फैक्ट्री चलाता हूं। मेरी ई-मेल आईडी पर 16 सितंबर को support@dgmcoins.vip से ई-मेल आया। उसमें गोल्ड काइन निवेश की स्कीम लिखी थी। सोने के दाम भी बढ़ रहे थे। मुझे लगा इसमें निवेश करूंगा तो रकम जल्दी बढ़ेगी। मैंने ई-मेल में दी गई वेबसाइट gold/dgmcoinfx.com पर लागिन किया।

मुझसे कुछ लोगों ने फोन पर संपर्क किया। इन लोगों ने गोल्ड डीजीएम काइन कंपनी का कर्मचारी बताया। अलग-अलग बैंक खातों में अलग-अलग बार में एक करोड़ 41 लाख सात हजार रुपए जमा करा लिए। एक पे-वालेट भी बनाया गया, जिसमें बढ़ी हुई रकम करीब तीन करोड़ रुपए नजर आ रहे थे। जनवरी में सोना डेढ़ लाख के पार हो गया तो रुपए निकालने का प्रयास किया। इसके बाद समझ आया कि यह फर्जीवाड़ा है। तब पुलिस से शिकायत की।

कैपिटल गेन टैक्स के नाम पर 20 लाख और जमा करा लिए

बुजुर्ग कारोबारी ने जब रुपए न निकलने पर उन दिए गए नंबरों पर संपर्क किया, ई-मेल किया तो जवाब दिया गया कि उन्हें कैपिटल गेन टैक्स देना होगा। यह टैक्स देना ही होता है। उन्होंने इसी के नाम पर करीब 20 लाख रुपए जमा कर दिए।



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