बहोड़ापुर इलाके में नशामुक्ति केंद्र संचालक राहुल उर्फ फुग्गा यादव ने दोस्त के साथ खड़े छात्र पर ही पिस्टल तान दी। …और पढ़ें

HighLights
- छात्र के सीने पर पिस्टल अड़ाकर दी जान से मारने की धमकी।
- दोस्तों के साथ जा रहे छात्र पर अचानक हमला।
- एक के बाद एक चार राउंड फायरिंग से फैली दहशत।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। बहोड़ापुर इलाके में नशामुक्ति केंद्र संचालक राहुल उर्फ फुग्गा यादव ने दोस्त के साथ खड़े छात्र पर ही पिस्टल तान दी। उसके सीने पर पिस्टल अड़ा दी और गोली मारने की धमकी दी। फिर डराने के लिए पहले कार, फिर जमीन और इसके बाद हवाई फायरिंग की।
गनीमत रही छात्र और उसके दोस्त बाल-बाल बच गए। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। इस मामले में पीड़ित की शिकायत आते ही बहोड़ापुर थाना पुलिस ने एफआइआर दर्ज की। आरोपित की तलाश की जा रही है।
दोस्तों के साथ जा रहे छात्र पर अचानक हमला
बहोड़ापुर का रहने वाला सूर्यांश पुत्र स्वर्गीय देवेंद्र सिंह तोमर अपने दोस्त कन्नू जादौन, हिमांशु कमरिया के साथ विनय नगर में अपने दोस्त के घर जा रहा था। यह चारों हिमांशु की कार में सवार थे। कार कन्नू चला रहा था।
100 फुटा रोड पर बंटी किरार का घर था। बंटी और कन्नू में दोस्ती है। बंटी के घर पर उसने कार रोक दी। बंटी के साथ उसका दोस्त राहुल उर्फ फुग्गा यादव खड़ा था, जो साझेदारी में नशामुक्ति केंद्र चलाता था।
एक के बाद एक चार राउंड फायरिंग से फैली दहशत
यहाँ जब बंटी के पास सूर्यांश व उसके दोस्त खड़े थे, तभी राहुल आ गया। उसने पिस्टल निकाली और सीधे सूर्यांश के सीने पर तान दी। उससे पूछा कि वह घासमंडी का रहने वाला है। इसके बाद एक हवाई फायर किया। फिर कार के कांच में गोली मारी, तीसरी गोली जमीन में और चौथी बार हवाई फायरिंग की।
गोली चलने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। आरोपित राहुल यहाँ से भाग निकला। इन लोगों ने छिपकर जान बचाई। फिर पुलिस को सूचना दी। बहोड़ापुर थाने की फोर्स भी मौके पर पहुंची। इस मामले में पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर ली है।
आरोपित इंदौर भागा, पीछे से बीमार दादी का हुआ निधन
रात को पुलिस घर पहुंची, आरोपित इंदौर भागा, बीमार दादी का निधन। आरोपित राहुल गोली चलाने के बाद ग्वालियर से इंदौर भाग गया। बहोड़ापुर थाने की पुलिस जब उसे तलाशने घर पहुंची तब पता लगा कि उसकी दादी का निधन हो गया है। वह यहाँ से भाग गया है।
दादी कई दिनों से बीमार थीं। वह हड़बड़ी में घर से सामान लेकर भागा। स्वजन पूछते रहे लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। इसके कुछ ही देर बाद दादी का निधन हो गया।
