नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: डॉ. भीमराव आंबेडकर का चित्र जलाने की घटना के बाद ग्वालियर शहर में विवाद की स्थिति बन गई। विभिन्न संगठन लगातार एक-दूसरे पर सोशल मीडिया पर भड़काऊ टिप्पणी कर रहे हैं। वहीं इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
गुरुवार को हुए घटनाक्रम के विरोध में एससी-एसटी संगठनों ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। इसको लेकर पुलिस सतर्क हुई। बड़ी संख्या में पुलिस बल लगाया गया। रात को भी कई लोग एसएसपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट, टिप्पणी, वीडियो पोस्ट करने वालों पर निगरानी की जा रही है। कार्रवाई के लिए पोस्ट करने वाले 15 लोगों को चिह्नित किया गया है।
आरोपियों के खिलाफ एफआईआर
बता दें कि ग्वालियर में सिटी सेंटर के पटेल नगर में बिना अनुमति जुलूस निकालने और इस दौरान डॉ. आंबेडकर का चित्र जलाने का मामला सामने आया। इस मामले में अधिवक्ता अनिल मिश्रा, मोहित ऋषिश्वर, अमित दुबे, ध्यानेंद्र शर्मा, कुलदीप कांकोरिया, गौरव व्यास, अमित भदौरिया के विरुद्ध क्राइम ब्रांच थाने में एफआइआर दर्ज की गई।
ये लोग मुरैना जा रहे थे, तभी पुरानी छावनी पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया। रातभर हिरासत में रखने के बाद शुक्रवार को इन्हें कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में इनके समर्थक भी पहुंच गए, लेकिन समर्थकों को बाहर ही रोक लिया गया। कई अधिवक्ता और विभिन्न संगठनों के लोग समर्थन में कोर्ट पहुंचे थे। फिलहाल, पुलिस सतर्क है और सोशल मीडिया पोस्टों की भी निगरानी की जा रही है।
बसपा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर का अपमान किए जाने की घटना से आक्रोशित बहुजन समाज पार्टी ने लाखन सिंह बौद्ध के नेतृत्व में जिलाधीश कार्यालय पर प्रदर्शन किया। बसपा ने एडीएम को ज्ञापन सौपते हुए डॉ. आबंडेकर का चित्र जलाने व पैरों से कुचलने के आरोपित अधिवक्ता अनिल मिश्रा और उनके साथियों के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई करने की मांग की है।
यह भी पढ़ें- ‘सफाई नहीं होगी तो इंदौर नहीं जाएंगे…’ एंबुलेंस में डिलिवरी के दौरान गिरे खून को गर्भवती के स्वजनों से धुलवाया
बसपा ने चेतावनी दी है कि अगर दो दिन के अंदर आरोपितों के खिलाफ एनएसए नहीं लगाई तो आंदोलन किया जायेगा। बसपा कार्यकर्ता दोपहर 12 बजे परशुराम चौराहे से कुछ ही दूरी पर जमा हुए हैं। जहां से जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे।
बसपा कार्यकर्ता हाथों में डॉ. आबंडेकर के अपमान और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करने संबंधी तख्तियां हाथों में लिये हुये थे। बसपा ने जिलाधीश कार्यालय पर जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बौद्ध ने बताया कि एक ज्ञापन एडीएम को सौंपा है।
कार्रवाई नहीं करने पर सड़कों पर उतरने की चेतावनी
जिसमें चेतावनी दी है कि कुछ लोगों द्वारा डॉ. आंबेडकर का अपमान कर नगर की कानून व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। जिला प्रशासन इन घटनाओं पर मूक दर्शक बना हुआ है। अगर इन तत्वों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो बाबा साहब के अनुयायी सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।
