ग्वालियर में सेंट्रल जीएसटी की बड़ी कार्रवाई में पकड़े गए दो कारोबारियों को कोर्ट ने 2 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब उनकी जमानत याचिका …और पढ़ें

HighLights
- कागजों में सुपारी, फैक्ट्री में पान मसाला
- ग्वालियर के दो बड़े कारोबारी गिरफ्तार
- आज कोर्ट सुनाएगा जमानत पर फैसला
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर में सेंट्रल जीएसटी की बड़ी कार्रवाई में पकड़े गए दो कारोबारियों को कोर्ट ने 2 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब उनकी जमानत याचिका पर फैसला आज सुनाया जाएगा। मामले के अनुसार, शनिवार को सेंट्रल जीएसटी की टीम ने पुरानी छावनी और मोतीझील क्षेत्र में संचालित विकास एंटरप्राइजेज और हुनका ट्रेडर्स पर छापा मारा था।
इस कार्रवाई में विकास एंटरप्राइजेज के संचालक रामू गुप्ता और हुनका ट्रेडर्स के संचालक विकास गुप्ता को टैक्स चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। रविवार को वैकेशन जज के सामने सुनवाई हुई, लेकिन कोई निर्णय नहीं हो सका। इसके बाद सोमवार को नियमित कोर्ट में भी सुनवाई हुई, जहां फैसला सुरक्षित रख लिया गया। अब इस मामले में आज निर्णय आएगा।
करोड़ों की टैक्स चोरी उजागर
जांच में सामने आया कि विकास एंटरप्राइजेज ने करीब 31.76 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी की, जबकि हुनका ट्रेडर्स में 3.2 करोड़ रुपए की कर चोरी पकड़ी गई है। सेंट्रल जीएसटी की ओर से अधिवक्ता प्रवीण सुरंगे ने बताया कि नए कानून के तहत इस तरह के मामलों में जुर्माने के साथ पांच साल तक की सजा का प्रावधान है, जबकि कुछ मामलों में सेंट्रल एक्साइज एक्ट के तहत सात साल तक की सजा भी हो सकती है।
कागजों में कुछ और, हकीकत में कुछ और
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि हुनका ट्रेडर्स के संचालक विकास गुप्ता ने कागजों में खुद को डिटर्जेंट या अन्य उत्पाद बनाने वाला बताया, लेकिन मौके पर पान मसाला का निर्माण हो रहा था। विभाग को पता चला कि मशीन का रजिस्ट्रेशन तो कराया गया था, लेकिन परिसर का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया, जो नियमों के खिलाफ है।
रामू गुप्ता ने जांच में बताया कि उसने पान मसाला बनाने की मशीन साल 2018 में कबाड़ी से खरीदी थी, इसलिए उसके पास कोई बिल नहीं है। वहीं विकास गुप्ता ने कागजों में सुपारी निर्माण दिखाया, जिस पर केवल 5 प्रतिशत जीएसटी लगता है, जबकि वास्तव में पान मसाला बनाया जा रहा था, जिस पर 28 प्रतिशत या उससे ज्यादा जीएसटी लागू होता है।
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नया टैक्स नियम बना बड़ा कारण
नए नियमों के तहत अब केवल मशीन का रजिस्ट्रेशन ही नहीं, बल्कि उसकी उत्पादन क्षमता के अनुसार टैक्स और सेस देना अनिवार्य है। इसी वजह से इस मामले में बड़ी टैक्स चोरी सामने आई। फिलहाल दोनों आरोपितों की जमानत पर सभी की नजरें टिकी हैं, जिसका फैसला आज कोर्ट द्वारा सुनाया जाएगा।
