नईदुनिया प्रतिनिधि। ग्वालियर जिले में जमीन की गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी की तैयारी चल रही है। प्रस्तावित बदलाव के अनुसार शहर के आउटर इलाकों मुरैना, शिवपुरी और भिंड की ओर जाने वाले मार्गों के आसपास जमीन की कीमतों में भीतरी क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा वृद्धि हो सकती है। पुरानी छावनी और सागरताल क्षेत्र में भी जमीन के रेट करीब 90 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

जिला मूल्यांकन समिति की हाल ही में कलेक्टर रुचिका चौहान की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें जिले की कुल 2226 लोकेशनों में से 1652 स्थानों पर गाइडलाइन दर बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ जगहों पर जमीन की कीमतों में 100 से 125 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। पहली बैठक में केवल 35 लोकेशनों पर ही 100 प्रतिशत से अधिक वृद्धि का प्रस्ताव था, लेकिन दूसरी बैठक के बाद इसमें और बदलाव की संभावना जताई गई है।

जिले में जमीन की कीमतों में औसतन करीब 22 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। सबसे ज्यादा रजिस्ट्री वाले क्षेत्रों में भी दरों में संशोधन प्रस्तावित है। मालनपुर में जहां 257 रजिस्ट्रियां हुई हैं, वहां रेट 12 से 15 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच सकते हैं। अजयपुर में 10 से 12 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर और हारकोटासीर में जमीन की कीमत 20 हजार से बढ़ाकर लगभग 28 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर करने का प्रस्ताव है।

बिलौआ और भगवानपुरा में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

डबरा के उप पंजीयक महेंद्र कौरव के मुताबिक बिलौआ क्षेत्र में जाटव बस्ती से नयापुरा तक कृषि भूमि के रेट 3 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 8 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है, जो करीब 167 प्रतिशत की वृद्धि है। इसी तरह गिरवाई के भगवानपुरा इलाके में जमीन की कीमत 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने की तैयारी है, यानी करीब 150 प्रतिशत वृद्धि।

पनिहार और घाटीगांव क्षेत्र में भी मौजूदा दरों के मुकाबले करीब 92 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है।

बिल्डर्स की आपत्ति की संभावना

क्रेडाई (CREDAI) पहले ही प्रस्तावित दर वृद्धि पर आपत्ति जता चुका है। संगठन के जिला अध्यक्ष सुदर्शन झंवर का कहना है कि जिन क्षेत्रों में दर बढ़ाने का स्पष्ट आधार नहीं होगा, वहां सदस्य आपत्ति दर्ज कराएंगे। पिछले साल भी करीब 30 सुझाव और आपत्तियां सामने आई थीं, हालांकि इनमें से अधिकांश को खारिज कर दिया गया था।

15 मार्च तक दे सकते हैं सुझाव और आपत्तियां

जिला मूल्यांकन समिति ने जमीन की नई दरों पर सहमति दे दी है और प्रस्ताव एनआईसी के पोर्टल gwalior.nic.in पर अपलोड कर दिए गए हैं। पंजीयन कार्यालय में भी इनकी प्रति उपलब्ध है। आम लोग 15 मार्च तक इन प्रस्तावों पर लिखित सुझाव या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद फिर से बैठक होगी, जिसमें प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार किया जाएगा। संशोधित प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय मूल्यांकन समिति भोपाल भेजा जाएगा।

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