नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। अंचल में भाजपा नेता के पुत्रों की लंबी कतार है, जो संगठन में अभी पिता के नाम के सहारे ही कार्य कर रहे हैं। संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलने का इन्हें इंतजार है। क्योंकि भाजपा की परिवारवाद को लेकर स्पष्ट नीति है, लेकिन इस नीति में कोई स्थायी बैरिकेड्स कभी नहीं रहा। संगठन के प्रति समर्पण के साथ कार्य करने वाले नेता के पुत्रों को बड़ी जिम्मेदारी भी मिली है। यह जिम्मेदारी उन्होंने अपनी योग्यता से हासिल की है।

इसका स्पष्ट उदाहरण हिमाचल प्रदेश के अनुराग ठाकुर हैं, जो पांच बार के सांसद होने के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री का दायित्व संभाल चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने दिया संकेत

तीन दिन पूर्व कुलैथ गांव में हुए किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के पुत्र देवेंद्र तोमर के नाम का मंच से उल्लेख किया। इसके माध्यम से उन्होंने संकेत दिए कि नेता के पुत्रों के लिए संगठन के द्वार खुले जा सकते हैं। दूसरा, मुख्यमंत्री ने इसके माध्यम से विधानसभाध्यक्ष को भी साधने का प्रयास किया।

हम मान लेते हैं अगली पीढ़ी आप ही हो

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान सम्मेलन में विधानसभाध्यक्ष के पुत्र की तारीफ करते हुए कहा कि नरेंद्र सिंह यहां मौजूद नहीं हैं, लेकिन आपकी मौजूदगी से हम मान लेते हैं, वे यहां मौजूद हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हम मान लेते हैं अगली पीढ़ी आप ही हो। इसके राजनीति में अलग मायने निकाले जा रहे हैं।

माना जा रहा है कि भविष्य में नेता पुत्रों को संगठन में जिम्मेदारियां दिए जाने के द्वार खुल सकते हैं। रामू तोमर एक बार प्रदेश युवा मोर्चा में कार्यकारिणी सदस्य रह चुके हैं।

लंबी कतार

ग्वालियर-चंबल अंचल में भाजपा में नेता पुत्र लॉन्चिंग की कतार में लगे हैं। इनमें विधानसभाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के पुत्र देवेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र महान आर्यमन, पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के पुत्र सुकर्ण, पूर्व मंत्री ध्यानेंद्र सिंह के पुत्र पीतांबर सिंह, दिवंगत नेता प्रभात झा के पुत्र तुष्मल झा, पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर के पुत्र प्रांशु शेजवलकर सहित अन्य नेता पुत्र राजनीतिक लॉन्चिंग के लिए दस्तक दे रहे हैं।



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