ग्वालियर जिले के गिरवाई क्षेत्र के आदिवासी का पुरा से 50 से 60 आदिवासी युवक-युवतियों को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में बंधक बनाकर रखे जाने का गंभीर मा …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 23 Jan 2026 08:10:41 AM (IST)Updated Date: Fri, 23 Jan 2026 08:10:41 AM (IST)

नौकरी के नाम पर धोखा: ग्वालियर के  50 से 60 आदिवासी मजदूरों से महाराष्ट्र में अमानवीय व्यवहार, रिहाई की गुहार
नौकरी के नाम पर धोखा- सांकेतिक फोटो

वरुण शर्मा, नईदुनिया, ग्वालियर। ग्वालियर जिले के गिरवाई क्षेत्र के आदिवासी का पुरा से 50 से 60 आदिवासी युवक-युवतियों को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में बंधक बनाकर रखे जाने का गंभीर मामला सामने आया है। तीन माह पहले दलालों ने बड़ी कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर आदिवासी परिवारों को ग्वालियर से महाराष्ट्र ले जाया, जहां उनसे गन्ने के खेतों में काम कराया जा रहा है।

पीड़ितों के अनुसार न तो पूरी मजदूरी दी जा रही है और न ही पर्याप्त भोजन, वहीं मारपीट कर अमानवीय कार्य कराए जा रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के कलेक्टर को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।

शिकायत दर्ज कराई गई थी

बताया गया है कि गिरवाई क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 65 निवासी महेंद्र सिंह आदिवासी की ओर से इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि वासुदेव नामक दलाल ने 50 से 60 आदिवासी युवक-युवतियों को बड़ी कंपनी में काम दिलाने का झूठा आश्वासन दिया और उन्हें गांव परवरी, थाना वसमत, जिला हिंगोली (महाराष्ट्र) ले गया। वहां उनसे गन्ने के खेतों में काम कराया जा रहा है, लेकिन मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया और कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।

बंधक आदिवासी ने बताई पीड़ा

इस मामले में नईदुनिया ने बंधकों में शामिल हल्के आदिवासी से मोबाइल पर बातचीत की। हल्के ने बताया कि तीन माह पहले कुल 40 परिवार यहां लाए गए थे, जिनमें युवक-युवतियां, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। दलालों वासुदेव और कृष्णा ने 800 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने का वादा किया था, लेकिन अब न तो मजदूरी मिल रही है और न ही वापस जाने दिया जा रहा है।



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