इंदौर के भागीरथपुर इलाके में दूषित पानी से मौतों के बाद ग्वालियर में भी नगर निगम अधिकारी अलर्ट पर है। शहर के सुरेश नगर में बनी सरकारी मल्टी के चारों त …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 04 Jan 2026 01:03:21 PM (IST)Updated Date: Sun, 04 Jan 2026 01:19:00 PM (IST)

ग्वालियर के सुरेश नगर में इंदौर के भागीरथपुरा जैसा हाल, गंदे पानी ने नर्क बना दिया लोगों का जीवन
वार्ड क्रमांक 23 के सुरेश नगर में गंदे नाले में लगे पाइपों से मोटर लगाकर पानी भरते हैं रहवासी। आसपास गंदगी और बदबू होने के कारण समस्या का सामना करना पड़ता है।

HighLights

  1. सुरेश नगर में बदबू और गंदगी के बीच जीना लोगों की मजबूरी बन चुका है
  2. सुबह उठते ही चारों ओर फैला कचरा और बहता गंदा पानी दिखाई देता है
  3. यहां रहने वाले अधिकांश लोगों को पेट की बीमारी की समस्या रहती है

हर्ष श्रीवास्तव, नईदुनिया, ग्वालियर। इंदौर में गंदा पानी पीने से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। घटना के बाद पूरे प्रदेश में अलर्ट है फिर भी ग्वालियर के वार्ड 23 स्थित सुरेश नगर लोग गंदा पानी पीने को मजबूर है। वजह है यहां पानी की पाइप लाइन नाले से होकर गुजरी है। जिसमें से लोग मोटर लगाकर पानी भरते हैं। लोग बताते हैं कि यह स्थिति आज की नहीं बल्कि 20 साल से भी पुरानी है। सुरेश नगर में बनी सरकारी मल्टी के चारों तरफ कचरे के ढेर लगे हैं। जहां हर वक्त बदबू आती रहती है।

शहर के कई इलाकों में गंदा पानी और पाइप लाइन टूटने की समस्या व्याप्त है। सरकारी मल्टी में रहने वाले परिवारों का कहना है कि बदबू और गंदगी के बीच जीना उनकी मजबूरी बन चुका है। नारकीय जीवन से परेशान हो गए हैं। सुबह उठते ही चारों ओर फैला कचरा और बहता गंदा पानी दिखाई देता है। बच्चों का बाहर खेलना तक मुश्किल हो गया है।

कई बार बीमारियां फैलने का डर बना रहता है, लेकिन इलाज के खर्च से गरीब परिवार और परेशान हो जाते हैं। पीने के पानी की गुणवत्ता बेहद खराब है, जिससे यहां रहने वाले अधिकांश लोगों को पेट की बीमारी जैसी समस्या है। यहां रह रही महिलाओं का कहना है कि शिकायतें करने पर केवल आश्वासन मिलते हैं, समाधान नहीं। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते सफाई, नाली और जलआपूर्ति की व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाए तो यहां के लोग भी एक अच्छी जिंदगी जी सकेंगे।

यह है लोगों की मांग

सुरेश नगर की सरकारी मल्टी में तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। रोजाना कचरे का उठाव हो, नालियों की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था की जाए। साथ ही, पीने के पानी की गुणवत्ता की जांच कर शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि गंदे पानी के कारण आए दिन समस्या होती है और क्षेत्र में गंदगी फैली रहती है।

शहर में यहां पर सीवर की समस्या

  • वार्ड 12 में नौ, 10, 11, 12, 13, 14 और 50 क्वार्टर में सीवर की समस्या होने से कभी-कभी यहां भी गंदा पानी नलों से आ जाता है।
  • वार्ड 16 में रेशममिल, चंदनपुरा आदि जगहों पर सीवर की समस्या आए दिन रहती है। इस कारण यहां भी कई बार नलों से गंदा पानी आ जाता है।
  • वार्ड नौ, 10, 21, 29, 34, 38, 39, 65 में कई जगहों पर यह समस्या हमेशा से है।

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‘मेरे वार्ड में कोई दुर्घटना हुई तो सीवर ठेकेदार उसका जिम्मेदार होगा’

पार्षद सुरेश सिंह सोलंकी ने बताया कि जब से मैं पार्षद बना हूं, तब से लेकर आज तक मैं हर जगह चाहे वो शासन हो या प्रशासन, अपने वार्ड की समस्याओं को बता चुका हूं लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई। मेरे वार्ड के सीवर ठेकेदार नरेंद्र भदौरिया को नगर निगम से पूरा पेमेंट किया जाता है, इसके बावजूद ठेकेदार वार्ड में कोई काम नहीं कराता।

यहां तक कि वो हमारे फोन तक नहीं उठाता। अगर मेरे वार्ड में इंदौर जैसा कोई हादसा हुआ तो उसका जिम्मेदार सीवर ठेकेदार होगा। मेरे वार्डवासी इस गंदे पानी को पीकर घुट-घुटकर जीवन यापन कर रहे है। इससे तो अच्छा है कि हम सभी को जहर दे दिया जाए।



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