Gwalior news: ग्वालियर के जेएएच के हजार बिस्तर अस्पताल में रविवार को मरीज की मौत का मामला सामने आया। …और पढ़ें

HighLights
- प्रभारी मंत्री ने लिफ्टों को ठीक करने के निर्देश दिए थे
- निमोनिया की शिकायत थी, वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे
- स्वजन ने उपचार में लापरवाही के आरोप लगाए
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जेएएच के हजार बिस्तर अस्पताल में रविवार को मरीज की मौत का मामला सामने आया। इसे लेकर परिवार का गंभीर आरोप है कि छठी मंजिल से मरीज को डायलिसिस के लिए ले जाते समय ऑक्सीजन सिलेंडर चालू नहीं किया गया था और मरीज को लिफ्ट की बजाए रैंप से लाया जा रहा था।
दूसरी मंजिल पर पहुंचते-पहुंचते ही उसकी मौत हो गई। अस्पताल की लिफ्ट खराब थी इसलिए रैंप से ला रहे थे।निमोनिया की शिकायत पर अधिवक्ता मुख्तियार सिंह भदौरिया को भर्ती कराया गया था और वे 70 प्रतिशत वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे।
प्रभारी मंत्री ने लिफ्टों को ठीक करने के निर्देश दिए थे
परिवार ने इस मामले में जांच की मांग की है और जेएएच प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं जेएएच के अस्पतालों की खराब लिफ्ट काफी समय से चर्चा का विषय रहीं और कुछ समय पहले प्रभारी मंत्री ने भी सात दिन में लिफ्टों को ठीक करने के निर्देश दिए थे। मौके पर पुलिस भी पहुंची जहां परिवार के लोगों ने अपने बयान भी दिए।
निमोनिया की शिकायत थी, वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे
मुख्तियार सिंह भदौरिया सिकंदर कंपू के निवासी थे। वे बार काउंसिल के सदस्य भी रह चुके हैं। उनके परिवार वालों का कहना है कि 24 फरवरी को उन्हें जेएएच के हजार बिस्तर अस्पताल के मेडिसिन आइसीयू में भर्ती कराया गया था, उन्हें निमोनिया की शिकायत थी। वे इस बीच वेंटिलेटर सपोर्ट पर भी थे।
रविवार को डॉक्टरों ने कहा कि डायलिसिस के लिए ले जाना है।अस्पताल की लिफ्ट खराब थी। इसलिए स्टाफ रैंप से ले जाने लगा। एक स्टाफ हाथ से ऑक्सीजन का पंप लेकर जा रहा था। दूसरी मंजिल आने से पहले मृत्यु हो चुकी थी। इस मामले में हम सीएम से जांच की मांग करेंगे।
स्वजन ने उपचार में लापरवाही के आरोप लगाए थे। हंगामे की जानकारी के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। स्वजन के आरोपों के बाद मामले की सत्यता की जांच कराई जाएगी।
-डॉ. माखन माहौर सहायक अधीक्षक, जेएएच।
