Gwalior Jiwaji University: स्नातकोत्तर की परीक्षा के परिणाम में सेल के कुछ शातिर लोगों ने ब्लेड से खुरच कर अंक बदल दिए। यह एक ओएमआर शीट के साथ नहीं हु …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 28 Jan 2026 10:52:02 AM (IST)Updated Date: Wed, 28 Jan 2026 11:02:15 AM (IST)

ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय में ओएमआर फर्जीवाड़े में कार्रवाई के नाम पर लीपापोती, अब शीट बदलने की तैयारी
ग्वालियर स्थित जीवाजी विश्वविद्यालय का भवन। – फाइल फोटो

HighLights

  1. सेल प्रभारी को हटाकर घोटाले पर पर्दा डाल रहा जीवाजी विश्वविद्यालय प्रबंधन
  2. बिना सोचे समझे कर्मचारियों का तबादला किया, जो असल दोषी वे अभी भी सेल में
  3. ओएमआर शीट में फेरबदल कर अंक बदले जा सकते हैं लेकिन कुल योग नहीं

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणाम से जुड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद भले ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई का दावा किया हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है। साइंस कालेज के एक छात्र के स्नातकोत्तर तृतीय सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में हुई गंभीर गड़बड़ी में अब तक असल दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

मामले में साफ हो चुका है कि उत्तर पुस्तिका में मात्र दो अंक पाने वाले छात्र को ओएमआर शीट में हेरफेर कर 32 अंक दिखाकर पास किया गया। बावजूद इसके, जिस सेल में यह छेड़छाड़ हुई उसके प्रभारी को सिर्फ हटा कर मामले पर पर्दा डाल दिया।

बिना सोचे समझे कर्मचारियों का तबादला कर दिया, वहीं जो असल दोषी हैं वे अभी भी सेल में मौजूद हैं। इस लीपापोती से विश्वविद्यालय प्रबंधन मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। वहीं दावा यह भी है कि ओएमआर शीट में भी बदलाव किए जाने की तैयारी है।

कमेटी के सिपुर्द नहीं ओएमआर

इस मामले में तीन सदस्यीय कमेटी को जांच की जिम्मेदारी दी है। लेकिन जेयू में हुई गड़बड़ी की जांच भी जेयू के लोग ही करेंगे। ऐसे में निष्पक्ष जांच होना मुश्किल है। वहीं जांच के नाम पर अब तक कमेटी ने कुछ भी हाथ पांव नहीं हिलाए हैं, यहां तक कि जिस ओएमआर में गड़बड़ी है उसको कमेटी ने अपनी सिपुर्दगी में भी नहीं लिया है।

एक दूसरे पर टाल रहे अधिकारी

इस मामले में जमीनी स्थिति पता करने के लिए जब रजिस्ट्रार राजीव मिश्रा को फोन किया तो उन्होंने अस्वस्थ होने के कारण स्थिति बताने में असमर्थता जताई और कहा कि सहायक कुलसचिव अमित सिसोदिया से पक्ष लिया जाए। लेकिन अमित सिसोदिया ने फोन नहीं उठाया। जब परीक्षा नियंत्रक डॉ. आशा कुमारी जो इस मामले में परीक्षा भवन जांच करने पहुंचीं उनसे सवाल किए गए तो उन्होंने कहा कि इस मामले को रजिस्ट्रार ही देख रहे हैं।

एक नहीं ऐसे कई मामले

स्नातकोत्तर की परीक्षा के परिणाम में सेल के कुछ शातिर लोगों ने ब्लेड से खुरच कर अंक बदल दिए। यह एक ओएमआर शीट के साथ नहीं हुआ है बल्कि कई विद्यार्थियों की कापियों में इस तरह का खिलवाड़ हुआ है। कोई ऐसा मामला न खुले उसके लिए सिस्टम के ही कुछ लोग ओएमआर शीट ही बदलने की फिराक में हैं।

टोटल नंबरों से हो मिलान

ओएमआर में गंभीर गड़बड़ी की गई है जिसका पता करने के लिए छात्रों के परीक्षा परिणाम में दिए अंक और उसके कुल अंकों के टोटल का मिलान किया जाना सबसे सटीक विकल्प है। ओएमआर शीट में फेरबदल कर अंक बदले जा सकते हैं लेकिन उसका कुल योग नहीं बदला जा सकता।



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