जिले के 205 स्कूलों की मान्यता जिला शिक्षा अधिकारी स्तर से स्वीकृत कर दी गई है, लेकिन तकनीकी खामियों और दस्तावेजों की कमी के चलते 50 स्कूलों की मान्यत …और पढ़ें

HighLights
- जिले के 205 निजी स्कूलों की मान्यता जिला शिक्षा अधिकारी स्तर से स्वीकृत
- दस्तावेजों की कमी के चलते 50 स्कूलों की मान्यता अटकी, भविष्य पर संकट
- अभिभावकों को सलाह: प्रवेश से पहले स्कूल की मान्यता की जरूर करें जांच
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जिले के निजी स्कूल संचालकों के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारियों के बीच राहत और चिंता की मिली-जुली खबर है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मान्यता की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। जिले के 205 स्कूलों की मान्यता जिला शिक्षा अधिकारी स्तर से स्वीकृत कर दी गई है, लेकिन तकनीकी खामियों और दस्तावेजों की कमी के चलते 50 स्कूलों की मान्यता अब भी लटकी हुई है।
हालांकि, इस बार मान्यता की प्रक्रिया सुचारू रूप से लगातार चल रही है। जबकि पिछले साल जब मान्यता के नए नियम लागू किए गए थे तो उनमें किरायानामा देने वाली शर्त की वजह से स्कूल संचालक काफी आक्रोशित थे। यहां बता दें कि प्रत्येक प्राइवेट स्कूल को मान्यता नवीनीकरण हर तीन साल में निर्धारित फीस जमा करके कराना पड़ती है।
आंकड़ों का गणित: नवीनीकरण और नई मान्यता
शिक्षा विभाग के पोर्टल पर निर्धारित समय सीमा 20 जनवरी तक जिले के कुल 256 स्कूलों ने मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इन आवेदनों को दो श्रेणियों में बांटा गया था। इनमें नवीनीकरण के लिए 175 पुराने स्कूलों ने आवेदन किए। साथ ही नई मान्यता के लिए जिले के 81 स्कूलों ने आवेदन दिए हैं।
मान्यता की प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति
- लॉक आवेदन: कुल 256 आवेदकों में से 235 स्कूलों ने आवेदन करने के साथ ही सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर प्रक्रिया को पोर्टल पर लॉक कर दिया है।
- बीआरसी स्तर: ब्लॉक रिसोर्स सेंटर स्तर पर भौतिक सत्यापन के बाद 218 स्कूलों को हरी झंडी मिल चुकी है।
- डीईओ स्तर: अंतिम चरण में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा 205 स्कूलों की मान्यता को अंतिम रूप से स्वीकृत कर दिया गया है।
- अस्वीकृत आवेदन: जांच के दौरान नियमों पर खरा न उतरने के कारण एक स्कूल के आवेदन को विभाग द्वारा खारिज कर दिया गया है।
50 स्कूलों पर अधर में लटकी मान्यता
पूरी प्रक्रिया में सबसे बड़ी चिंता उन 50 स्कूलों की है जिनकी मान्यता अभी भी अधर में लटकी हुई है। इनमें से कुछ स्कूलों ने पोर्टल पर आवेदन लॉक नहीं किया है, तो कुछ के पास बिल्डिंग सेफ्टी, फायर एनओसी या खेल मैदान जैसे अनिवार्य मापदंडों की कमी पाई गई है। यदि समय रहते इन स्कूलों ने कमियां दूर नहीं कीं, तो आगामी सत्र में इन स्कूलों में प्रवेश लेने वाले छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।
नए सत्र में हो सकती है मुश्किल
शिक्षा विभाग के मुताबिक जिन स्कूलों की मान्यता अभी स्वीकृत नहीं हुई है, उन्हें जल्द ही अपनी कमियां सुधारने का मौका दिया जा सकता है। विभाग ने अभिभावकों को भी सलाह दी है कि नए सत्र में बच्चों का दाखिला कराने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि संबंधित स्कूल की मान्यता विभाग द्वारा स्वीकृत की जा चुकी है या नहीं।
स्कूलों की मान्यता नवीनीकरण व नई मान्यता के लिए प्रक्रिया चल रही है। अभी तक 205 स्कूलों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बचे हुए स्कूलों की प्रक्रिया नया शिक्षण सत्र शुरू होने से पहले यानी मार्च में पूरी कर ली जाएगी। – रविंद्र सिंह तोमर, डीपीसी, जिला शिक्षा केंद्र
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