राजधानी में गैस सिलिंडर की किल्लत अब सियासी मुद्दा बन गई है। महिला कांग्रेस ने अनोखे अंदाज में विरोध जताते हुए सोमवार को शहर के एक गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं को इंडक्शन चूल्हे बांटे और सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान छात्राओं ने बताया कि एलपीजी की कमी के चलते हॉस्टल में खाने-पीने की व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। एक समय का भोजन कम कर दिया गया शाम की चाय बंद कर दी गई। इतना ही नहीं, देर रात भूख लगने पर खाना बनाना भी संभव नहीं रह गया था।


इंडक्शन पर बनी चाय, वहीं हुआ प्रदर्शन

महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी के नेतृत्व में टीम हॉस्टल पहुंची। यहां उन्होंने खुद इंडक्शन पर चाय बनाकर उसका इस्तेमाल दिखाया और इसे राहत का छोटा लेकिन जरूरी कदम बताया।

सरकार पर सीधा हमला

रीना बोरासी ने आरोप लगाया कि सरकार गैस उपलब्ध होने के दावे कर रही है, लेकिन हकीकत में लोग अब भी लाइन में खड़े हैं। उन्होंने कहा कि गैस की कमी का सबसे ज्यादा असर उन छात्राओं पर पड़ रहा है, जो परिवार से दूर रहकर पढ़ाई कर रही हैं।

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और हॉस्टलों तक पहुंचेगा अभियान

महिला कांग्रेस ने साफ किया है कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा। आने वाले दिनों में शहर के अन्य हॉस्टलों में भी जाकर छात्राओं को इंडक्शन दिए जाएंगे और उनकी समस्याएं सुनी जाएंगी। महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोरासी ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण गैस सिलेंडर के दाम आम जनता की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। विशेष रूप से छात्रावासों में रहने वाली छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए रसोई का खर्च संभालना बेहद कठिन हो गया है। महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोरासी ने आगे कहा कि हमेशा महिलाओं के हितों के लिए संघर्ष करती रही है और यह पहल उसी कड़ी का हिस्सा है। इंडक्शन चूल्हों का वितरण एक संदेश है कि जब सरकार राहत देने में असफल होती है, तब कांग्रेस आगे आकर जनता के साथ खड़ा होता है।

 



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