केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया मंगलवार को इंदौर में थे। उन्होंने कई कार्यक्रमों में शिरकत की और पत्रकारों से चर्चा भी की। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है। हमारी सरकार की मंशा है कि बजट केवल घोषणा तक सीमित न रहे। यह सालभर की कार्ययोजना होना चाहिए और अगले पांच साल की योजना से लिंक होना चाहिए, उसे विकसित भारत के लक्ष्य के साथ जोड़ा गया है।
आज के युवा विकसित भारत के सारथी होंगे। युवा इस देश के भविष्य को लेकर क्या सोचता है, वह क्या चाहता है, विकसित भारत के विचार प्रधानमंत्री ने युवाओं से ही लिए हैं। बजट में युवाओं के सुझावों को शामिल किया गया है।इस बजट को आर्थिक वृद्धि, जनता की आवश्यकता और सबका साथ सबका विकास की भावना के साथ तैयार किया है। वर्ष 2011-12 में बजट 16 लाख करोड़ था, अब 53 लाख करोड़ से अधिक का बजट है। इतना बजट बढ़ा, लेकिन एक भी रुपये का टैक्स नहीं बढ़ा। पहले वैट लगता था, हमने उसे खत्म किया। जीएसटी के आने से विसंगतियां कम होती गईं और बजट बढ़ता गया। टैक्स चोरी कंट्रोल की गई जिससे सरकार की आय बढ़ती गई।
हम दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की तरफ अग्रसर हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमने साढ़े 11 लाख करोड़ से अधिक का बजट रखा है। 28 किलोमीटर हाईवे हर दिन बन रहा है और लगभग 15 किलोमीटर रेलवे लाइन हर दिन देश में बिछाई जाती है। देश में 140 से अधिक एयरपोर्ट बने हैं।
हमारी सरकार ने वंदे भारत ट्रेन चलाई और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें बनाईं। बेरोजगारी की दर जो पहले अधिक थी, अब 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार काफी कम हुई है। विकसित देशों की तुलना में हमारे यहाँ स्थिति बेहतर है, जो अच्छे संकेत हैं। जब देश की अर्थव्यवस्था बढ़ती है तो विकास समावेशी होना चाहिए। सामाजिक सुरक्षा भी बढ़ी है। आयुष्मान भारत योजना का लाभ करोड़ों लोग ले रहे हैं और देश में चार करोड़ लोगों को अपना घर मिला है।
