प्रदेश सरकार ने इस बार सरसों की फसल को भावांतर योजना में शामिल किया है। इसके किसानों के पंजीयन का काम शुरू हो चुका है। कृषि विभाग ने जिले भर की 40 सहक …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 27 Feb 2026 08:58:00 PM (IST)Updated Date: Fri, 27 Feb 2026 08:58:00 PM (IST)

किसानों के लिए जरूरी खबर, सरसों और चना की सरकारी खरीदी के लिए पंजीयन शुरू, 20 मार्च तक कराएं रजिस्ट्रेशन
सरसों और चना की सरकारी खरीदी के लिए पंजीयन शुरू।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। प्रदेश सरकार ने इस बार सरसों की फसल को भावांतर योजना में शामिल किया है। इसके किसानों के पंजीयन का काम शुरू हो चुका है। कृषि विभाग ने जिले भर की 40 सहकारी समितियों में पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। यहां पर किसानों का शासन के ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन किया जाएगा। इसके काम पर निगरानी कृषि विभाग करेगा। साथ ही किसान इस योजना के लिए 20 मार्च तक अपना पंजीयन करा सकते हैं। इसके अलावा चने को सरकारी समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए भी किसान पंजीयन करा सकते हैं।

कई जिले के किसानों को मिलेगा लाभ

बता दें कि सरसों को शासन ने पहली बार भावांतर योजना में शामिल किया है। इसका लाभ भी ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया व शिवपुरी जिले के किसानों को मिलेगा, क्योंकि प्रदेश में सबसे अधिक सरसों ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में ही होता है। अकसर फसल आने के बाद सरसों के भाव सरकारी समर्थन मूल्य से कम हो जाते हैं। ऐसे में किसानों को नुकसान होता है। इस बार सरकार ने किसानों के घाटे को पूरा करने के लिए सरसों को भावांतर योजना में शामिल किया है।

क्या है भावांतर योजना?

जब मंडी में फसलों का बाजार भाव सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम हो जाता है, तब सरकार उस अंतर की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में जमा करती है। उदाहरण के लिए यदि सरसों का एमएसपी छह हजार 200 रुपये है और आपने मंडी में इसे पांच हजार 500 रुपये में बेचा, तो सरकार अंतर के 700 रुपये (नियम के अनुसार) आपको देगी। इस योजना में सरकार फसल नहीं खरीदती, बल्कि किसान को बाजार में बेचने की आजादी देती है और नुकसान की भरपाई करती है।

क्या है सरसों का सरकारी समर्थन मूल्य?

सरसों का सरकारी समर्थन मूल्य छह हजार 200 रुपये प्रति क्विंटल है। हालांकि वर्तमान में स्थानीय कृषि मंडी में सरसों औसतन छह हजार चार सौ रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिक रही है। हालांकि अभी सरसों की फसल खेत से मंडी तक नहीं पहुंची है। लेकिन आगामी दिनों में यह फसल मंडी में पहुंचने वाली है। ऐसे में सरसों के भाव गिरने की संभावना बन जाती है।

यह व्यवस्था की है विभाग ने

कृषि विभाग ने किसानों को भावांतर योजना का लाभ देने के लिए जिले की 40 सहकारी समितियों में पंजीयन शुरू किया है। यहां पर किसान अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक, समग्र आइडी और खसरा-खतौनी के दस्तावेज ले जाकर 16 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। इसके साथ किसान एमपी ऑनलाइन के कियोस्क पर भी अपना पंजीयन करा सकते हैं।

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समर्थन मूल्य पर चना खरीदने के लिए पंजीयन शुरू

चने को सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए भी पंजीयन का काम शुरू किया है। यह पंजीयन का काम 16 मार्च तक होगा। वर्तमान में चने की सरसों भी खेत में खड़ी है और तकरीबन पकने की स्थिति में हैं।

सरसों को भावांतर योजना में शामिल किया गया है। इस योजना के तहत किसानों का पंजीयन शुरू किया गया है। किसान सहकारी समितियों के साथ साथ एमपी आनलाइन सेंटर पर जाकर पंजीयन करा सकते है। – रणवीर सिंह जाटव, उप संचालक, कृषि विकास व किसान कल्याण विभाग।



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