मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कुंवर विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि उनका किसी महिला अधिकारी, भारतीय सेना या समाज के किसी भी वर्ग का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था।

कुंवर विजय शाह ने कहा, “मेरे शब्द देशभक्ति के जोश, उत्साह और भावनाओं में निकल गए थे। यह मेरी एक छोटी सी भूल थी, जिसके पीछे की भावना को समझा जाना चाहिए। मेरा कोई दुर्भावनापूर्ण इरादा नहीं था। मैं इस मामले में पहले भी कई बार माफी मांग चुका हूं और आज फिर से माफी मांगता हूं।”

 

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उन्होंने कहा कि इस पूरे विवाद से उन्हें बेहद पीड़ा हुई है। “यह मेरे लिए अत्यंत दुखद है कि मेरी एक छोटी सी गलती से इतना बड़ा विवाद खड़ा हो गया। मुझे पूरा विश्वास है कि मेरी भावनाओं को सही संदर्भ में समझा जाएगा। भारतीय सेना के प्रति मेरे मन में हमेशा सर्वोच्च सम्मान रहा है और आगे भी रहेगा।”

‘भविष्य में अपने शब्दों को लेकर और अधिक सावधानी बरतूंगा’


मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि सार्वजनिक जीवन में शब्दों की मर्यादा और संवेदनशीलता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा, “मैंने इस घटना पर आत्ममंथन किया है, इससे सबक लिया है और इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वीकार करता हूं। भविष्य में अपने शब्दों को लेकर और अधिक सावधानी बरतूंगा, ताकि ऐसी गलती दोबारा न हो।” अंत में कुंवर विजय शाह ने एक बार फिर देशवासियों, भारतीय सेना और इस पूरे प्रकरण से जुड़े सभी लोगों से ईमानदारी से माफी मांगी।



जानें क्या था विवादित बयान?


 मानपुर में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री शाह ने पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कहा था, जिन आंतकियों ने पहलगाम में लोगों को मारा, उनके कपड़े उतरवाए, उन आंतकियों ने हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा। मंत्री शाह ने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हीं की बहन को भेजकर उनकी ऐसी-तैसी करवाई। इस विवादित बयान के बाद मामला देशभर में तूल पकड़ लिया। शाह और उनकी पार्टी को तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा। 





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