राजधानी भोपाल में चिकित्सा शिक्षा और इलाज के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। एम्स भोपाल ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ सीएसआर फंडिंग के तहत 3डी एनाटॉमी एवं पैथोलॉजी मॉडल गैलरी स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है।इस गैलरी में सीटी और एमआरआई डेटा पर आधारित मरीज-विशिष्ट 3डी प्रिंटेड मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। इससे डॉक्टर और सर्जन ऑपरेशन से पहले ही शरीर के अंदर की जटिल संरचनाओं को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे, जिससे सर्जरी अधिक सटीक और सुरक्षित होगी।
मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए बनेगा लाइव लैब
यह गैलरी सिर्फ डॉक्टरों के लिए ही नहीं, बल्कि मेडिकल छात्रों के लिए भी एक उन्नत शैक्षणिक प्लेटफॉर्म साबित होगी। यहां वे वास्तविक केस-आधारित 3डी मॉडल के जरिए एनाटॉमी और पैथोलॉजी को गहराई से समझ पाएंगे।
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मरीजों को भी मिलेगा फायदा
3डी मॉडल के जरिए मरीजों को अपनी बीमारी और इलाज की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया जा सकेगा। इससे इलाज को लेकर उनकी समझ और भरोसा दोनों बढ़ेंगे। यह एमओयू एम्स भोपाल का पहला सीएसआर समर्थित समझौता है, जो हेल्थ सेक्टर में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ करार
समझौता कार्यक्रम एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) माधवानंद कर की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। इस मौके पर संस्थान के वरिष्ठ डॉक्टरों और IOCL के अधिकारियों की मौजूदगी रही। प्रो. माधवानंद कर ने कहा कि यह पहल चिकित्सा शिक्षा और क्लिनिकल प्रैक्टिस में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देगी और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में मददगार साबित होगी।
