मध्यप्रदेश में निर्धारित एमआरपी से अधिक कीमत पर शराब कारोबारियों ने जमकर उगाई की। इससे ना सिर्फ जनता की जेब काटी दूसरी तरफ केंद्र और राज्य सरकार के कानूनों का भी खुला उल्लंघन किया। विधानसभा में अपूर्ण उत्तर के जवाब में आबकारी विभाग ने मार्च 2026 में जानकारी दी कि 1 अप्रैल 2025 से अक्टूबर 2025 तक जबलपुर, इंदौर, भोपाल और विदिशा सहित कई जिलों में ओवररेटिंग के मामले दर्ज हुए हैं और संबंधित दुकानों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। यह खास बता यह है कि भोपाल में 700 से ज्यादा शिकायतें ओवररेटिंग से संबंधित मिली, लेकिन कोई बड़ा केस नहीं बना। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि उनकी तरफ से कार्रवाई की गई। वहीं, इस मामले में आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ओवररेटिंग में शामिल अधिकारियों द्वारा कार्रवाई नहीं करने के आरोप सही नहीं हैं। कई जिलों में कलेक्टर और संयुक्त टीमों द्वारा नियमित जांच कर कार्रवाई की जा रही है।
ये भी पढ़ें- सिंहस्थ 2028: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उज्जैन में बनेगा 800 मीटर का स्काईवॉक, 70 करोड़ रुपए होंगे खर्च
भोपाल में 720 शिकायतें, लेकिन केस नहीं
राजधानी भोपाल में 720 शिकायतें सामने आईं, जिनमें से 707 सीएम हेल्पलाइन से थीं। इनमें से 572 शिकायतों का निराकरण संतुष्टि के साथ किया गया, हालांकि जांच में कोई बड़ा प्रकरण सामने नहीं आया। वहीं, जबलपुर जिले में कलेक्टर की गठित टीम और आबकारी विभाग की जांच में कुल 68 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। वहीं सीएम हेल्पलाइन के जरिए 862 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 817 का निराकरण कर दिया गया है, जबकि 45 शिकायतें लंबित हैं।
ये भी पढ़ें- LPG Crisis: भोपाल में गैस माफिया का नया खेल, सिलिंडरों से चोरी, कम गैस और ब्लैक मार्केटिंग से उपभोक्ता परेशान
इंदौर में 22 केस, 206 शिकायतें
इंदौर जिले में ओवररेटिंग के 22 प्रकरण दर्ज किए गए। साथ ही विभिन्न माध्यमों से 206 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिन पर कार्रवाई की गई है। विदिशा जिले में 138 शिकायतें मिलीं, जिन पर कार्रवाई करते हुए 12 शराब दुकानों पर प्रकरण दर्ज किए गए और लाइसेंसधारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। शिवपुरी जिले के पोहरी क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री की शिकायत पर आबकारी विभाग ने जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है।
ये भी पढ़ें- Bhopal News: बड़ा तालाब अतिक्रमण पर चला बुलडोजर,15 दिन में 347 कब्जे हटाने का टारगेट,हलालपुरा में हुई कार्रवाई
भोपाल में ओवररेटिंग में कई केस दर्ज किए गए
भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि भोपाल में ओवररेटिंग में केस दर्ज किया गया। इसके बाद ही शिकायतें कम हुई है। यदि अभी भी कहीं कोई शिकायत है तो आप भेजिए हम तत्काल एक्शन लेंगे।
