राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों की चर्चा पर अगर भरोसा किया जाए तो मध्य प्रदेश की मोहन सरकार में वर्तमान में भारतीय प्रशासनिक सेवा की 1993 बैच के तीन अधिकारी सबसे ताकतवर भूमिका में हैं। तीनों ही अधिकारी अपर मुख्य सचिव हैं। ऊर्जा विभाग के साथ मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई इस समय सरकार में सबसे पावरफुल बताए जा रहे हैं। बताया तो यहां तक जा रहा है कि विवादास्पद और राजनीतिक रूप से अति गंभीर उज्जैन के लैंड पूलिंग एक्ट मामले को व्यवस्थित रूप से निपटाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसी बैच के दूसरे शक्तिशाली आईएएस अधिकारी हैं अपर मुख्य सचिव संजय दुबे। उनके पास नगरीय प्रशासन और आवास विभाग का प्रभार है। इसी के साथ उनके पास विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग का भी अतिरिक्त प्रभार है। वे वर्तमान में प्रदेश में मेट्रोपॉलिटन सिटी योजना, मेट्रो प्रोजेक्ट और इंदौर-भोपाल के संवेदनशील मुद्दे मास्टर प्लान को देख रहे हैं। बता दें कि वे मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप कार्रवाई करने में जुटे हुए हैं। इसी बैच के तीसरे सशक्त अधिकारी हैं अनुपम राजन। वे मुख्यमंत्री के सबसे पसंदीदा विभाग उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव हैं। इसी के साथ उनके पास संसदीय कार्य विभाग का प्रभार भी है, जो राजनीतिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण माना जाता है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में उन्हें जनसंपर्क विभाग का भी अपर मुख्य सचिव बनाकर सबसे संवेदनशील विभाग की कमान सौंप दी है। कहा तो यहां तक जाता है कि मुख्य सचिव अनुराग जैन के बाद इन तीनों में से ही कोई प्रदेश के सबसे बड़े प्रशासनिक पद की कुर्सी पर नजर आएगा!

दिल्ली तक पहुंचा राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी का मामला 

प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी का मामला दिल्ली में पार्टी हाईकमान तक पहुंच गया है। उनके भाई अनिल और बहनोई शैलेंद्र सिंह की गांजा तस्करी मामले में गिरफ्तारी के बाद भाजपा संगठन मंत्री नाराज हैं। इसी नाराजगी का परिणाम है कि भाजपा संगठन ने दिल्ली हाईकमान को विस्तार से सारी जानकारी दे दी है। प्रदेश में एक ओर जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में  ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान चल रहा है, जिसकी सराहना रायपुर में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की मौजूदगी में हुई, दूसरी ओर सरकार में बैठी राज्यमंत्री के परिवार का ऐसे गंभीर मामले में नाम आने से पार्टी की किरकिरी हो रही है। अटकलें हैं कि आने वाले समय में प्रतिमा को लेकर पार्टी संगठन कोई सख्त फैसला ले सकता है।

मध्य प्रदेश भाजपा में महामंत्री राहुल कोठारी का वजन बढ़ा 

मध्य प्रदेश भाजपा के महामंत्री राहुल कोठारी वैसे तो पार्टी की दृष्टि से मुख्यमंत्री के निकट हैं। उनकी पहचान पार्टी में पावरफुल महामंत्री के रूप में है। लेकिन, भाजपा के नए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से उनकी पुरानी पहचान को देखते हुए राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा है कि राहुल कोठारी का वजन राजनीतिक दृष्टि से बढ़ गया है। बताया गया है कि युवा मोर्चा के दिनों में दोनों एक साथ महामंत्री रह चुके हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में राहुल कोठारी को और भी कोई बड़ी जवाबदारी मिल सकती है! वैसे मध्य प्रदेश में और भी एक दो नेता हैं जो नबीन से पुराने परिचित हैं। 

आईएएस अधिकारियों का सालाना जलसा आज से राजधानी में

मध्य प्रदेश में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का तीन दिवसीय सालाना जलसा (सर्विस मीट) 19 दिसंबर से प्रारंभ हो रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव सुबह 10.30 पर इसका उद्घाटन करेंगे। मध्य प्रदेश में प्रशासनिक अधिकारियों का ये समागम कोविड की अवधि को छोड़कर पिछले कई वर्षों से आयोजित होता है, जिसमें प्रदेश भर के आईएएस अधिकारी अपने परिवार सहित शिरकत करते हैं और विभिन्न खेलों और सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से परस्पर सामंजस्य और सहकार का एक अनोखा उदाहरण पेश करते हैं। पूरे वर्ष जनसामान्य के लिए दिनरात एक करने वाले अधिकारियों के लिए ये तीन दिन अगले वर्ष के लिए उत्साह और ऊर्जा का रिचार्ज जैसा है। प्रदेश के सुदूर अंचल से जिम्मेदार पदों पर पदस्थ अधिकारी इसमें भाग ले सकें, इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग मुख्यालय त्याग की अनुमति भी जारी करता है। देखा गया है कि प्रदेश के ऐसे अधिकारी जो भोपाल के अलावा अन्य शहरों, यहां तक कि दिल्ली में रह रहे हैं, वे भी इसमें भाग लेने के लिए झीलों की नगरी भोपाल में तीन दिनों के लिए डेरा डालते हैं।

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