नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। सड़कों पर चलने वाले वाहनों की फिटनेस सही है या नहीं, यह सर्टिफिकेट बताएगा इसकी कोई गारंटी नहीं है। ग्वालियर के रायरू स्थित वेदांती वाहन फिटनेस सेंटर में परिवहन विभाग की जांच के दौरान बड़ा घोटाला सामने आया है।
इस फिटनेस सेंटर पर तीन से पांच हजार रुपये तक रिश्वत लेने के आरोप लगे थे, जिसकी जांच की जा रही थी। इसी जांच के दौरान जब परिवहन विभाग के अधिकारियों ने फिटनेस सेंटर का डेटा खंगाला तो पता चला कि एक ही चेसिस नंबर डालकर कई वाहनों की फिटनेस जारी की जा रही है। इससे स्पष्ट है कि वे वाहन फिटनेस सेंटर आए ही नहीं और फिटनेस प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया।
फर्जी तरीके से फिटनेस की जा रही
यह मामला बेहद गंभीर है, क्योंकि जिन वाहनों की फर्जी तरीके से फिटनेस की जा रही है, वे सड़क पर दौड़ रहे हैं। यदि कोई बड़ा हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। संभव है कि अनफिट वाहनों के कारण कई दुर्घटनाएं हो चुकी हों।
वेदांती फिटनेस सेंटर का लाइसेंस एक माह के लिए निलंबित
परिवहन विभाग ने वेदांती फिटनेस सेंटर का लाइसेंस एक माह के लिए निलंबित कर दिया है। इस अवधि में फिटनेस सेंटर में कोई काम नहीं होगा। परिवहन आयुक्त ने पूरे मामले में जांच के निर्देश दिए हैं और अब इसकी विस्तृत जांच की जाएगी।
परिवहन विभाग और पुलिस हरकत में
उल्लेखनीय है कि रायरू स्थित वेदांती फिटनेस सेंटर में वाहन फिटनेस के बदले 3500 रुपये की रिश्वत मांगने का वीडियो बहुप्रसारित होने के बाद परिवहन विभाग और पुलिस हरकत में आई। परिवहन विभाग की ओर से आरटीआई प्रवीण नाहर और उनकी टीम को आरटीओ विक्रमजीत सिंह कंग ने जांच का जिम्मा सौंपा था। इसी जांच के दौरान यह बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया।
इस मामले में आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने भी मोर्चा खोल दिया था। जिलाध्यक्ष सुनील माहेश्वरी ने आयुक्त सहित पुलिस को शिकायत की थी। पुरानी छावनी थाना प्रभारी को भी शिकायत की गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। वेदांती फिटनेस सेंटर के मैनेजर हरिसिंह चौधरी और मानसिंह से पूछताछ की गई।
नईदुनिया ने प्रमुखता से उठाया मुद्दा, मचा हड़कंप
वेदांती फिटनेस सेंटर की मनमानी और शिकायतों को नईदुनिया ने प्रमुखता से उठाया। पीड़ितों और ट्रांसपोर्टरों के साथ नईदुनिया खड़ा रहा। बहुप्रसारित वीडियो सामने आने के बाद परिवहन विभाग ने पूरे मामले की जांच की, जिसमें वाहनों की फिटनेस में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।
अब परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा ने विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। संभावना है कि फिटनेस सेंटर का लाइसेंस रद किया जा सकता है।
जयपुर की कंपनी है वेदांती, शुरुआत से ही थी मनमानी
वेदांती ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर कंपनी मध्यप्रदेश की नहीं, बल्कि राजस्थान की है और वहां भी सक्रिय है। मप्र के कई जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी इसका नेटवर्क है। ऐसे में आशंका है कि अन्य जगहों पर भी इसी तरह का फर्जीवाड़ा किया जा रहा हो।
अधिकारियों का क्या कहना
विक्रमजीत सिंह कंग, आरटीओ, ग्वालियर का कहना है कि वेदांती ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर की रिश्वत लेकर फिटनेस करने की शिकायत की जांच की जा रही थी। इसी जांच में सामने आया कि एक ही चेसिस नंबर पर पांच-पांच वाहन फिट कर दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि फिटनेस सेंटर के रिकॉर्ड से यह सामने आया है। इस मामले में फिटनेस सेंटर को एक माह के लिए निलंबित कर दिया गया है। परिवहन आयुक्त ने विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।
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