प्रसिद्ध फिल्म और टेलीविजन अभिनेता राकेश बेदी, जिन्होंने हाल ही में फिल्म धुरंधर में ‘जमील जमाली’ के दमदार किरदार से दर्शकों का दिल जीता है, बुधवार को बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन पहुंचे। यहां उन्होंने स्थानीय मीडिया से बातचीत में अपने करियर, शिक्षा और जीवन के कई दिलचस्प पहलुओं पर खुलकर चर्चा की।
फिल्म धुरंधर में अपने नेगेटिव शेड वाले किरदार ‘जमील जमाली’ को लेकर बेदी ने कहा कि यह निर्देशक का विश्वास था कि वे इस भूमिका को प्रभावी ढंग से निभा सकते हैं। उन्होंने फिल्म के हीरो रणबीर सिंह की सराहना करते हुए कहा कि असली ‘धुरंधर’ वही हैं। उन्होंने बताया कि फिल्म में एक जासूस के संघर्ष को बेहद सशक्त तरीके से दिखाया गया है, जहां उसे खुद भी नहीं पता होता कि पर्दे के पीछे से उसकी मदद कौन कर रहा है।
आईआईटी का रोचक किस्सा साझा किया
अपनी शिक्षा को लेकर बेदी ने मजाकिया अंदाज में बताया कि उन्होंने कभी आईआईटी की प्रवेश परीक्षा दी थी। उन्होंने कहा, “परीक्षा में 39 सवाल थे, जिनमें से मुझे केवल 7 आते थे। तभी समझ गया कि मैं इस क्षेत्र के लिए नहीं बना हूँ।” उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे अपनी रुचि के अनुसार ही करियर चुनें।
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बच्चों पर दबाव न बनाएं अभिभावक
राकेश बेदी ने अभिभावकों को संदेश देते हुए कहा कि बच्चों पर करियर का दबाव नहीं डालना चाहिए। उन्होंने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए बताया कि उनके घर में कभी किसी पर कोई दबाव नहीं था, बल्कि सही मार्गदर्शन दिया जाता था। उन्होंने कहा कि यदि बच्चा खेल या अभिनय में रुचि रखता है, तो उसे उसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
महाकाल नगरी से जुड़ाव
उज्जैन के धार्मिक महत्व का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह महाकाल की नगरी है और यहां आना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने बताया कि वे पहले भी निजी तौर पर यहां आ चुके हैं। आगामी प्रोजेक्ट्स के बारे में उन्होंने जानकारी दी कि वे वरुण धवन के साथ फिल्म है जवानी तो इश्क होना है और अमेजन की सीरीज राख में नजर आएंगे। उनके उज्जैन आगमन से स्थानीय कलाकारों और प्रशंसकों में खासा उत्साह देखने को मिला। उनके लोकप्रिय धारावाहिक ये जो है जिंदगी और श्रीमान श्रीमती आज भी दर्शकों के बीच खास पहचान बनाए हुए हैं।
