नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। पतंगों में इस्तेमाल होने वाला चायनीज मांझा अब केवल परिंदों और इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि बिजली आपूर्ति के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) की एक्स्ट्रा हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों पर इससे बिजली संकट का खतरा बढ़ गया है। पिछले वर्षों में हुए फाल्ट को देखते हुए कंपनी ने ट्रांसमिशन लाइनों की निगरानी बढ़ा दी है और संवेदनशील इलाकों में विशेष दल तैनात किए गए हैं।

पिछले साल हुई थी दुर्घटना

एमपी ट्रांसको के अनुसार पिछले वर्ष पतंगबाजी के दौरान चायनीज मांझा 220 केवी और 132 केवी ट्रांसमिशन लाइनों में फंस गया था। इससे मालनपुर-मुरार और बानमोर-मोतीझील लाइनों पर व्यवधान उत्पन्न हुआ था, जिसके कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई और ट्रांसमिशन नेटवर्क की सुरक्षा प्रभावित हुई। इसी अनुभव के आधार पर इस बार कंपनी ने आठ प्रमुख ट्रांसमिशन लाइनों को संवेदनशील श्रेणी में रखा है।

संवेदनशील घोषित की गई लाइनों में 220 केवी महलगांव-मालनपुर, महलगांव-सिंथौली, अड़ुपुरा-महलगांव और अड़ुपुरा-मालनपुर तथा 132 केवी मालनपुर-मुरार, महलगांव-मोतीझील, महलगांव-फूलबाग और बानमोर-मोतीझील ट्रांसमिशन लाइनें शामिल हैं।

पिछले वर्ष हुए थे फाल्ट

बिजली कंपनी के रिकार्ड के अनुसार वर्ष 2024 में 132 केवी मालनपुर-मुरार और 132 केवी बानमोर-मोतीझील ट्रांसमिशन लाइनों में चायनीज मांझे के कारण फाल्ट की स्थिति बनी थी। कंपनी का कहना है कि चायनीज मांझे में मौजूद मेटेलिक पावडर जब हाई-वोल्टेज तारों के संपर्क में आती है, तो तेज धमाका यानी फ्लेशओवर होता है।

चायनीज मांझा धात्विक लेप युक्त होता है और विद्युत का अच्छा चालक होता है। जब यह एक्स्ट्रा हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों के संपर्क में आता है, तो लाइन ट्रिपिंग, फ्लेशओवर और शार्ट सर्किट जैसी स्थितियां बन जाती हैं। इससे इंसुलेटर, जंपर और कंडक्टर जैसे संवेदनशील उपकरण क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है।

सुरक्षा में सहयोग की अपील

एमपी ट्रांसको ने आमजन से ट्रांसमिशन लाइनों की सुरक्षा में सहयोग करने की अपील की है। कंपनी का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है और इससे व्यापक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा रहता है। ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास पतंगबाजी, निर्माण कार्य या किसी भी तरह की जोखिमपूर्ण गतिविधि से बचने और किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को देने की अपील की गई है।

इनका कहना है

शशिकांत ओझा, जनसंपर्क अधिकारी, मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी का कहना है कि “मकर संक्रांति पर पतंग अधिक संख्या में उड़ाई जाती है, इसलिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइनों पर निगरानी बढ़ाने के साथ जागरूकता अभियान चलाया गया है। इसके माध्यम से आमजन को ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास पतंग न उड़ाने, चायनीज मांझे का उपयोग न करने और विद्युत सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।”

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