इंदौर में गणतंत्र दिवस का राष्ट्रीय पर्व हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पूरे शहर में उत्सव का माहौल रहा और प्रमुख सरकारी भवनों को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया। सुबह से ही शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों और संस्थानों में झंडावंदन के कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो गया था।

 

इंदौर में गणतंत्र दिवस का मुख्य भव्य आयोजन नेहरू स्टेडियम में संपन्न हुआ। इस राजकीय समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा थे। उन्होंने गरिमामय उपस्थिति के बीच सबसे पहले ध्वजारोहण किया, जिसके बाद समवेत स्वर में राष्ट्रगान का गायन हुआ। उपमुख्यमंत्री ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम जनता के संदेश का वाचन किया, जिसमें राज्य के विकास और भविष्य की योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया गया था।

 

समारोह का मुख्य आकर्षण परेड रही। आकर्षक वर्दी में सजे पुलिस के जवान, सशस्त्र बल और एनसीसी कैडेट्स ने तिरंगा थामे बैंड की सुमधुर स्वरलहरियों के बीच कदमताल करते हुए मार्च पास्ट किया। उपमुख्यमंत्री ने खुली जीप में परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। इस गौरवशाली दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे अपने अभिभावकों के साथ स्टेडियम पहुंचे थे, जिससे दर्शकों की दीर्घा पूरी तरह भरी नजर आई। कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक महेंद्र हार्डिया सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय और उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।

 

समारोह के दूसरे चरण में स्कूली छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। मैदान पर जब स्कूली बच्चों ने देशभक्ति के गीतों पर अपनी कला का प्रदर्शन किया, तो पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। विशेष रूप से भांगड़ा नृत्य की ऊर्जा और भारत माता पर आधारित नृत्य नाटिका ने सभी का मन मोह लिया।

 

नगर निगम का मुख्य झंडावंदन एआईसीटीएसएल कार्यालय में आयोजित किया गया। यहां महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया। इसके पश्चात उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने की सामूहिक शपथ ली। उधर, कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर शिवम वर्मा ने तिरंगा फहराया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमें देश के संवैधानिक और सांस्कृतिक मूल्यों को सदैव याद रखना चाहिए और राष्ट्र की एकता के लिए निरंतर कार्य करना चाहिए।

शहर के अन्य ऐतिहासिक और सरकारी कार्यालयों जैसे राजवाड़ा, कृष्णपुरा छतरी और गांधी हॉल को भी तिरंगी रोशनी से नहलाया गया, जो देर रात तक आकर्षण का केंद्र बने रहे।



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