नईदुनिया, प्रतिनिधि, ग्वालियर। अभी तक शहर के चौराहों पर सिग्नल जंप करने पर या अन्य किसी वजह से ट्रैफिक नियम तोड़ने पर आइटीएमएस के कैमरों से वाहन चालकों के चालान बन जाते थे। लेकिन गलत दिशा यानी रान्ग साइड चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई नहीं होती थी। अब शहर में गलत दिशा में वाहन चलाने पर भी चालान बनेगा।

मंगलवार को इस प्रक्रिया का ट्रायल किया गया। अब बुधवार से यह पूरी तरह से शहर में अमल में आ जाएगी। सड़कों पर रॉन्ग साइड पर चलने वाले वाहनों पर नजर रखने के लिए स्मार्ट सिटी ने सिटी सर्विलांस सिस्टम के तहत नौ करोड़ की लागत कैमरे लगाए हैं। इन कैमरों का उपयोग विभिन्न तरह के अपराधों को रोकने में तो किया ही जाएगा, लेकिन शहर में गलत साइड पर वाहन लेकर चलने वालों के चालान बनाने में भी किया जाएगा।

यहां बता दें कि स्मार्ट सिटी ने शहर में हाई सिक्योरिटी के सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। इन कैमरों में एआइ यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस बेस्ट वीडियो और फेस रिकग्निशन तकनीकी भी है। इससे वाहन चालक व अन्य किसी अपराधी का चेहरा भी आसानी से डेटाबेस के माध्यम से पहचान कर लेगा। शहर के भीड़भाड़ वाले, गली-मोहल्ले व प्रमुख बाजार में अब स्मार्ट सिटी ने सीसीटीवी कैमरे लगाए है। कैमरे लगाने के लिए पूर्व में ही पुलिस ने सर्वे कर स्थान चिह्नित कर लिए हैं। नौ करोड़ की लागत से करीब 250 कैमरे लगाए गए हैं।

बुधवार को शहर के 24 प्वॉइंट्स पर हुआ ट्रायल

स्मार्ट सिटी के आइटी प्रभारी नागेंद्र सक्सेना ने बताया कि मंगलवार को शहर के 24 प्वॉइंट्स पर इस प्रक्रिया का ट्रायल किया गया। इन प्वॉइंट्स में लक्ष्मीगंज, शान शौकत, कोणार्क हॉस्पीटल, इंदरगंज, पाटनकर चौराहा, संभागीय कमिश्नर अफसर, नागदेवता मंदिर, चिटनिस की गोठ, स्काउट गेट, राम मंदिर, बाड़ा, गणेश मंदिर, एबीयंस होटल, केशर टावर, गोले का मंदिर, यूनीपेक फैक्टरी, गत्ता फैक्ट्री, वायु नगर, डीडी नगर, राजमाता तिराहा, बहोड़ापुर, तिराहा, एयरटेल रोड शामिल हैं।



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