मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने आकाशीय बिजली से मौत के मामले में अहम आदेश पारित किया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मिलिंद रमेश फड़के की …और पढ़ें
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नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने आकाशीय बिजली से मौत के मामले में अहम आदेश पारित किया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मिलिंद रमेश फड़के की एकलपीठ ने की। मामले के अनुसार, याचिकाकर्ता लाडू देवी भील ने बताया कि उनके पति की आकाशीय बिजली गिरने से असमय मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने शासन से अनुग्रह सहायता राशि देने की मांग की।
लंबित प्रतिवेदनों पर निर्णय की गुहार
इस संबंध में उन्होंने सक्षम प्राधिकारी के समक्ष आवेदन और प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किए, लेकिन अब तक उन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि फिलहाल वे केवल इतना चाहती हैं कि उनके लंबित प्रतिवेदनों पर निर्णय लिया जाए। राज्य शासन की ओर से भी इस सीमित मांग पर कोई आपत्ति नहीं की गई।
अदालत ने प्रशासन को दिए सख्त निर्देश
इसके बाद हाई कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लाडू देवी भील के लंबित प्रतिवेदनों पर प्रमाणित प्रति प्राप्त होने से दो सप्ताह के भीतर, यथासंभव शीघ्र, कानून के अनुसार निर्णय लें। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं की है।
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